एक सवाल, एक पंक्ति
हफ़्ते में एक सवाल, हर जगह वही। सामान्य ज्ञान का नहीं, बल्कि ऐसा जिसका जवाब अपने भीतर झाँककर ही दिया जा सकता है।
हर सवाल किसी पुरानी कहावत से उगता है; वह कहावत सवाल के नीचे लिखी है।

- 2026 年第 42 周इस हफ़्तेक्या इस हफ़्ते कोई ऐसी बात कही जो मुँह से निकलते ही पछतावा हुआ?कोमल उत्तर क्रोध को शांत कर देता है, पर कठोर वचन क्रोध भड़काता है।Proverbs 15:1
- 2026 का सप्ताह 41इस हफ़्ते आपने मन ही मन किसके दोष गिने? क्या वही दोष आप में भी है?तू अपने भाई की आँख के तिनके को क्यों देखता है, और अपनी आँख के लट्ठे पर ध्यान नहीं देता?Matthew 7:3
- 2026 का सप्ताह 40आप इस समय किस दिन की चिंता कर रहे हैं? वह दिन कितनी दूर है?कल की चिंता मत करो, क्योंकि कल की चिंता कल खुद कर लेगा।Matthew 6:34
- 2026 का सप्ताह 39इस सप्ताह जिन बातों ने आपका सबसे ज़्यादा दम निकाला, उन्हें लिखें। उनमें से कौन-सी सचमुच आपके बस की थीं?कुछ बातें हमारे बस में हैं, और कुछ नहीं हैं।Epictetus, Enchiridion 1
- 2026 का सप्ताह 37इस हफ़्ते जब कुछ ठीक नहीं गया, तो आपकी पहली प्रवृत्ति अपने भीतर देखने की थी या किसी और में?श्रेष्ठ व्यक्ति अपने से माँगता है; छोटा व्यक्ति दूसरों से।Analects XV
- 2026 का सप्ताह 36अगर यह आपका आखिरी हफ़्ता होता, तो आप कौन-सा काम करना छोड़ देते?मनुष्य जो भी जीवन खोता है, वह केवल वर्तमान क्षण ही खोता है।Marcus Aurelius, Meditations II
- 2026 का सप्ताह 35क्या कोई ऐसी गलती है जो आप जान चुके हैं, पर अब तक सुधारी नहीं है?भूल करके उसे न सुधारना — यही असली भूल है।Analects XV
- 2026 का सप्ताह 34इस हफ़्ते जिस बात ने आपको सबसे ज़्यादा दुखी किया, उसे अगर दूसरी नज़र से देखें तो उसमें कितना बचता है?लोगों को चीज़ें परेशान नहीं करतीं, बल्कि उन चीज़ों के बारे में उनके विचार करते हैं।Epictetus, Enchiridion 5
आगे क्या पूछा जाएगा
सवालों के भंडार में हैं 57 सवाल। कुछ यहाँ रखे गए हैं ताकि आप देख सकें कि यह एक बार की बात नहीं है।
- क्या इस हफ़्ते कोई ऐसी बात हुई जिसमें आपने दूसरे को साफ़ पढ़ लिया, पर वही बात अपने भीतर नहीं देख पाए?दूसरों को जानना बुद्धिमानी है; खुद को जानना प्रबुद्धता।Tao Te Ching 33
- क्या कोई ऐसी गलती है जो आप जान चुके हैं, पर अब तक सुधारी नहीं है?भूल करके उसे न सुधारना — यही असली भूल है।Analects XV
- इस हफ़्ते जिस बात ने आपको सबसे ज़्यादा दुखी किया, उसे अगर दूसरी नज़र से देखें तो उसमें कितना बचता है?लोगों को चीज़ें परेशान नहीं करतीं, बल्कि उन चीज़ों के बारे में उनके विचार करते हैं।Epictetus, Enchiridion 5
- इस हफ़्ते आपने किस बात की चिंता की जो असल में कभी हुई ही नहीं?हम यथार्थ से ज़्यादा कल्पना में कष्ट उठाते हैं।Seneca, Letters 13
- इस सप्ताह जिन बातों ने आपका सबसे ज़्यादा दम निकाला, उन्हें लिखें। उनमें से कौन-सी सचमुच आपके बस की थीं?कुछ बातें हमारे बस में हैं, और कुछ नहीं हैं।Epictetus, Enchiridion 1
- आप इस समय किस दिन की चिंता कर रहे हैं? वह दिन कितनी दूर है?कल की चिंता मत करो, क्योंकि कल की चिंता कल खुद कर लेगा।Matthew 6:34
स्रोत
सवाल इन्हीं बातों से उगे हैं। बौद्ध सूत्र, ताओवादी, कन्फ़्यूशियसवादी, बाइबिल, स्टोइक, और वह जो सुकरात ने सचमुच पूछा था — हर परंपरा में मानी जाने वाली कहावतें, हर एक अपने स्रोत के साथ। जैसी कही गईं, वैसी ही दर्ज हैं, बिना बदलाव के; जहाँ स्रोत पक्का नहीं, उसे अंदाज़े से भरने के बजाय खाली छोड़ा गया है।
इनमें से कोई पंक्ति सही उत्तर के तौर पर नहीं रखी गई। हर एक चाँद की ओर उठी उँगली है — उँगली खुद चाँद नहीं है। एक ही पंक्ति आप पर वैसे नहीं उतरेगी जैसे किसी और पर, और वही फ़र्क़ असल बात है।
युग्म-पंक्तियाँ
समानांतर दो पंक्तियाँ · हर एक का अपना स्रोतसंकलन
समूह में बँधे बिंदु · हर परंपरा की गिनती वाली सूचियाँ四圣谛
- 苦——世间有苦
- 集——苦有它的来处
- 灭——苦可以止息
- 道——止息有路可循
八正道
- 正见——看清事情本来的样子
- 正思维——念头不往贪嗔上走
- 正语——不妄语、不两舌、不恶口
- 正业——行为不伤人
- 正命——靠正当的活计过日子
- 正精进——该断的断,该长的长
- 正念——知道此刻在做什么
- 正定——心能定得住
三法印
- 诸行无常——没有一样停得住
- 诸法无我——没有一个固定的我
- 涅槃寂静——止息之处是安的
真福八端
- 虚心的人有福了
- 哀恸的人有福了
- 温柔的人有福了
- 饥渴慕义的人有福了
- 怜恤人的人有福了
- 清心的人有福了
- 使人和睦的人有福了
- 为义受逼迫的人有福了
十诫(节选)
- 当孝敬父母
- 不可杀人
- 不可奸淫
- 不可偷盗
- 不可作假见证陷害人
- 不可贪恋他人所有的
信望爱
- 如今常存的有信
- 有望
- 有爱;其中最大的是爱
四端
- 恻隐之心,仁之端也
- 羞恶之心,义之端也
- 辞让之心,礼之端也
- 是非之心,智之端也
吾日三省吾身
- 为人谋而不忠乎?
- 与朋友交而不信乎?
- 传不习乎?
子绝四
- 毋意——不凭空猜
- 毋必——不认死理
- 毋固——不固执
- 毋我——不以自己为中心
三宝
- 一曰慈
- 二曰俭
- 三曰不敢为天下先
分辨的功夫
- 有些事我们做得了主:判断、意向、取舍
- 有些事我们做不了主:身体、名声、别人的看法
- 分清这两者,是全部功夫的开端
晨起三问
- 今天我会遇上多管闲事的、忘恩的、傲慢的人
- 他们如此,是因为分不清什么是好、什么是坏
- 而我知道——所以我不必被他们扰动